रंग हमने भी कम ना लिखे इश्क़ में,
पर जो कोरे रहे, वो दिखे इश्क़ में !
एक लम्हा सदी को उड़ा ले गया,
हम हुनर बस ग़ज़ल का सीखे इश्क़ में !…✍🏻

रंग हमने भी कम ना लिखे इश्क़ में,
पर जो कोरे रहे, वो दिखे इश्क़ में !
एक लम्हा सदी को उड़ा ले गया,
हम हुनर बस ग़ज़ल का सीखे इश्क़ में !…✍🏻
