Delhi Institute of Advanced Studies college, Cultural fest-9th March

ये हक़ीक़त नहीं, कोई क़ाबिल न हम,
हाँ तेरे ख्वाहिशों के, मुक़ाबिल न हम !
एक धब्बे ने ढक ली पूरी चाँदनीं,
तब से सोया नहीं है, मेरा दिल न हम !….✍🏻आज़ादIMG-20190301-WA0002

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