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मोहब्बत में ज़िगर के संग,जुबां का बोलबाला है !
तू नादां अब समझ पायी,ये बंधन भी निराला है !
दिलों के फेर-बदली हो चुके, इज़हार हो कैसे ?
मैं इक शायर हूँ हिंदी का, तू इक अंग्रेज बाला है!!…✍🏻आज़ाद