मिलते हैं आपसे 14th March को और सुनते हैं मोहब्बत पर कुछ और नगमें….
कहीं उल्फत, कहीं दौलत, कहीं कुछ सब गवाएं हैं!
न पूछो हम से ऐ हमदम, कहाँ , कब कब गवाएं हैं!!
…✍🏻 आज़ाद
मिलते हैं आपसे 14th March को और सुनते हैं मोहब्बत पर कुछ और नगमें….
कहीं उल्फत, कहीं दौलत, कहीं कुछ सब गवाएं हैं!
न पूछो हम से ऐ हमदम, कहाँ , कब कब गवाएं हैं!!
…✍🏻 आज़ाद