दिल यकीनन आस पर है, अच्छे दिन भी आएंगे
पर दमाग़ों को भी इक, तारीख मिलनी चाहिए।
ऐ दीये ! हम तेल तुझमें, फिर से डालेंगे मगर,
शर्त ये है रौशनी, कुछ देर जलनी चाहिये।….✍ आज़ाद
दिल यकीनन आस पर है, अच्छे दिन भी आएंगे
पर दमाग़ों को भी इक, तारीख मिलनी चाहिए।
ऐ दीये ! हम तेल तुझमें, फिर से डालेंगे मगर,
शर्त ये है रौशनी, कुछ देर जलनी चाहिये।….✍ आज़ाद